शरभ अवतार जैसे भगवान विष्णु ने संसार के उद्धार के लिए कई अवतार लिए है वैसे ही भगवान शिव ने विभिन्न अवतारों में भक्तों और देवों की रक्षा के लिए अवतार लिए है। उन्हीं में से…
शिव पुराण की कथा के अनुसार एक समय की बात है, समुंदर के पास बसें एक प्रदेश मे वाष्कल नाम का एक गांव था जँहा के लोग वैदिक धर्म से बिलकुल विमुख थे। वे भगवान मे…
जगदीश जी की आरती - भारत की धार्मिक परंपराओं में भगवान विष्णु को समर्पित अनेक आरतियाँ हैं, जिनमें “ॐ जय जगदीश हरे” सबसे प्रसिद्ध है। यह आरती न केवल श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति की भावना…
शिव पुराण सबसे वरिष्ठ पुराणों मे से एक है जिसमे भगवान शिव के चरित्र, अवतारो , पूजन विधि, उनसे जुड़े रहस्यों आदि के बारे मे बताया गया है। शिव पुराण मे हमें भगवान शिव के परमेश्वर…
शिव चालीसा भगवान शिव की स्तुति में 40 छंदों का एक पवित्र ग्रंथ है। इसे पढ़ने से भक्तों को महादेव की कृपा प्राप्त होती है और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। शिव चालीसा का पाठ…
भारतीय पौराणिक कथाओं में राक्षस जलंधर का उल्लेख एक महान और शक्तिशाली राक्षस के रूप में किया गया है, जो अपनी शक्ति के लिए प्रसिद्ध था । उसकी उत्पत्ति और जीवन की कथा अत्यंत रोचक और…
भारतीय संस्कृति और धर्म में भगवान शिव को “पशुपति” के नाम से भी जाना जाता है। “पशुपति” का अर्थ है “पशुओं के स्वामी” या “सभी जीव-जंतुओं के अधिपति।” यह नाम भगवान शिव की करुणा, शरणागत वत्सलता…
भारतीय पौराणिक कथाओं में नागों का उल्लेख व्यापक रूप से किया गया है। नाग, जिनका अर्थ होता है सर्प, भारतीय संस्कृति, धर्म और इतिहास में गहराई से जुड़े हुए हैं। यह कथा न केवल उनके अवतरण…
विष्णु सहस्रनाम (Vishnu Sahasranama) हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और प्राचीन ग्रंथों में से एक है। यह ग्रंथ महाभारत के अनुशासन पर्व का हिस्सा है और इसमें भगवान विष्णु के एक हजार नामों का उल्लेख है।…