भगवान श्री कृष्ण -भारतीय संस्कृति और पुराणों में भगवान विष्णु के दस अवतारों (दशावतार) का विशेष महत्व है। जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का बोझ बढ़ा है, तब-तब भगवान ने धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश…
भगवान विष्णु के दशावतार का महत्व, कथा और रहस्य विस्तार से पढ़ें। मत्स्य अवतार से लेकर कल्कि अवतार तक की संपूर्ण जानकारी यहाँ उपलब्ध है। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि के पालनहार के रूप…
भगवान श्रीराम-भारतीय संस्कृति और परंपरा में भगवान श्रीराम का स्थान सर्वोपरि है। वे केवल हिंदू धर्म के देवता ही नहीं बल्कि आदर्श मानव, कर्तव्यनिष्ठ पुत्र, मर्यादा पुरुषोत्तम पति और न्यायप्रिय राजा के रूप में पूजे जाते…
भगवान परशुराम- भगवान विष्णु का छठा अवतार परशुराम जी के रूप में हुआ था। यह अवतार अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अवतार न केवल धर्म की रक्षा के लिए था, बल्कि अधर्म और अत्याचार के विरुद्ध…
वामन अवतार-हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि के पालनकर्ता के रूप में जाना जाता है। जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान विष्णु अवतार लेकर पृथ्वी पर अवतरित…
कन्नप्पा- भारत की भूमि सदा से ही संतों, भक्तों और तपस्वियों की जन्मस्थली रही है। ऐसे ही महान भक्तों में से एक हैं श्री कन्नप्पा नयनार, जिन्हें भगवान शिव के प्रति अपनी अतुलनीय भक्ति के लिए…
नरसिंह अवतार-हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि के पालनहार के रूप में पूजा जाता है। जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है और धर्म का नाश होता है, तब-तब भगवान विष्णु विभिन्न अवतारों के रूप में…
वराह अवतार -प्रमुख तीन देव - भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान महेश (भगवान शिव ) जिन्हे हम त्रिदेव भी कहते है, उनमे से भगवान विष्णु को सृष्टि के पालनहार के रूप में जाना जाता है।…
मत्स्य अवतार -हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को पालन करने वाले देवता माना गया है, जो समय-समय पर संसार की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। श्री हरी विष्णु के दस प्रमुख अवतारों को ‘दशावतार’ कहा…
हिंदू धर्म में असुरों और देवताओं के बीच संघर्ष की अनेक कथाएँ पाई जाती हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण कथा है अंधकासुर की, जो शिवपुराण और अन्य ग्रंथों में वर्णित है। अंधकासुर न केवल एक असुर…