कनप्पा, भगवान शिव

कन्नप्पा: भगवान शिव का अनोखा भक्त

कन्नप्पा- भारत की भूमि सदा से ही संतों, भक्तों और तपस्वियों की जन्मस्थली रही है। ऐसे ही महान भक्तों में से एक हैं श्री कन्नप्पा नयनार, जिन्हें भगवान शिव के प्रति अपनी अतुलनीय भक्ति के लिए…
अंधकासुर: पौराणिक कथा, रहस्य और प्रतीकात्मकता

अंधकासुर: पौराणिक कथा, रहस्य और प्रतीकात्मकता

हिंदू धर्म में असुरों और देवताओं के बीच संघर्ष की अनेक कथाएँ पाई जाती हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण कथा है अंधकासुर की, जो शिवपुराण और अन्य ग्रंथों में वर्णित है। अंधकासुर न केवल एक असुर…
वीरभद्र अवतार: भगवान शिव का रौद्र स्वरूप और उसकी दिव्य गाथा

वीरभद्र अवतार: भगवान शिव का रौद्र स्वरूप और उसकी दिव्य गाथा

वीरभद्र अवतार - भारतीय सनातन परंपरा में भगवान शिव को संहार और सृजन के देवता के रूप में पूजा जाता है।भगवान शिव प्रमुख तीन देवताओं-( भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा ) मे से एक…
भगवान शिव शरभ अवतार

शरभ अवतार की कथा: जब भगवान शिव ने लिया अद्भुत स्वरूप

शरभ अवतार जैसे भगवान विष्णु ने संसार के उद्धार के लिए कई अवतार लिए है वैसे ही भगवान शिव ने विभिन्न अवतारों में भक्तों और देवों की रक्षा के लिए अवतार लिए है। उन्हीं में से…
शिव पुराण की कथा : बिंदुग और चंचुला

शिव पुराण की कथा : बिंदुग और चंचुला

शिव पुराण की कथा के अनुसार एक समय की बात है, समुंदर के पास बसें एक प्रदेश मे वाष्कल नाम का एक गांव था जँहा के लोग वैदिक धर्म से बिलकुल विमुख थे। वे भगवान मे…
शिव पुराण

शिव पुराण : देवराज का शिवलोक गमन

शिव पुराण सबसे वरिष्ठ पुराणों मे से एक है जिसमे भगवान शिव के चरित्र, अवतारो , पूजन विधि, उनसे जुड़े रहस्यों आदि के बारे मे बताया गया है। शिव पुराण मे हमें भगवान शिव के परमेश्वर…
भगवान शिव, शिव आरती

भगवान शिव आरती (shiv aarti)हिंदी

भगवान शिव, जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, शंकर, त्रिनेत्रधारी और नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दू धर्म में प्रमुख देवताओं में से एक हैं। शिव को सृष्टि के विनाशक और पुनर्सृजनकर्ता के रूप में पूजा…
पशुपतिनाथ

भगवान पशुपति और पशुपतिनाथ मंदिर: करुणा, दया और आध्यात्मिकता का प्रतीक

भारतीय संस्कृति और धर्म में भगवान शिव को “पशुपति” के नाम से भी जाना जाता है। “पशुपति” का अर्थ है “पशुओं के स्वामी” या “सभी जीव-जंतुओं के अधिपति।” यह नाम भगवान शिव की करुणा, शरणागत वत्सलता…
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की उत्पत्ति: चंद्रदेव के श्राप की कथा

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की उत्पत्ति: चंद्रदेव के श्राप की कथा

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव इस जगत के हर कन कन मे बस्ते है। भगवान शिव को हम निराकार और साकार दोनों रूपो मे ही पूजते है। भगवान शिव का निराकार रूप उनके अनंत रूप को दर्शाता…
भगवान नटराज: शिव के पांव तले अज्ञानता की हार

भगवान नटराज: शिव के पांव तले अज्ञानता की हार

भगवान शिव का नटराज रूप हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गूढ़ प्रतीक है, जो न केवल धार्मिक आस्था बल्कि गहरे आध्यात्मिक और दार्शनिक अर्थों को भी व्यक्त करता है। नटराज का अर्थ है ‘नृत्य…