भगवान शिव, जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, शंकर, त्रिनेत्रधारी और नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दू धर्म में प्रमुख देवताओं में से एक हैं। शिव को सृष्टि के विनाशक और पुनर्सृजनकर्ता के रूप में पूजा…
भारतीय संस्कृति और धर्म में भगवान शिव को “पशुपति” के नाम से भी जाना जाता है। “पशुपति” का अर्थ है “पशुओं के स्वामी” या “सभी जीव-जंतुओं के अधिपति।” यह नाम भगवान शिव की करुणा, शरणागत वत्सलता…
भारतीय पौराणिक कथाओं में नागों का उल्लेख व्यापक रूप से किया गया है। नाग, जिनका अर्थ होता है सर्प, भारतीय संस्कृति, धर्म और इतिहास में गहराई से जुड़े हुए हैं। यह कथा न केवल उनके अवतरण…
विष्णु सहस्रनाम (Vishnu Sahasranama) हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और प्राचीन ग्रंथों में से एक है। यह ग्रंथ महाभारत के अनुशासन पर्व का हिस्सा है और इसमें भगवान विष्णु के एक हजार नामों का उल्लेख है।…
महाभारत के महान युद्ध औऱ महाकाव्य के बारे मे सभी जानते है जो कौरव औऱ पांडव जो एक दूसरे के भाई थे उनके बीच के महायुद्ध की कथा है । ये हमारा इतिहास भो कहा जाता…
भगवान विष्णु इस सृष्टि के पालनहार है, वो ही समय समय पर जब जब आसुरी शक्तियां अधर्म करती है या अधर्म धर्म से अधिक बढ़ने लगता है तब भगवान विष्णु अवतार लेकर सृष्टि का संतुलन बनाये…
भगवान विष्णु इस जगत के पालनहार कहे जाते है। वे त्रिमूर्ति ( भगवान ब्रह्मा , भगवान शिव औऱ भगवान विष्णु )मे से एक एक प्रमुख भगवान है। भगवान ब्रह्मा इस सृष्टि को रचते है , भगवान…
भगवान विष्णु त्रिमूर्ति के एक प्रमुख देवता है जिन्हे हम सृष्टि के पालनहार के रूप मे भी जानते है । उन्होंने इस सृष्टि के उद्धार के कई अवतार लिए है जिनमे से प्रमुख अवतार 10 है…
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव इस जगत के हर कन कन मे बस्ते है। भगवान शिव को हम निराकार और साकार दोनों रूपो मे ही पूजते है। भगवान शिव का निराकार रूप उनके अनंत रूप को दर्शाता…